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bhugol ka janak | भूगोल का जनक किसे कहा जाता है 2021

bhugol ka janak
bhugol ka janak किसे कहा जाता है बहुत से बच्चे या स्टूडेंट जो स्कूल या कॉलेज में पढ़ते हैं जो जो इतिहास भूगोल या अन्य विषयों में पढ़ने में रुचि रखते हैं लेकिन भूगोल का विषय पढ़ते समय एक सवाल जरूर आता होगा भूगोल का जनक कौन है,

 bhugol ka janak यानी भूगोल का जनक किसे कहा जाता हैं  और गूगल पर सर्च करने लगते हैं bhugol ka janak कौन हैै पर उनको गूगल पर कुुछ खास जानकारियां प्राप्त नहीं  मिल पाता है 

तो पर कोई बात नहीं  इस आर्टिकल में हमने भूगोल का जनक भूगोल का जनक किसे कहा जाता है यह तो बताया ही है भूगोल से रिलेटेड बहुत  भूगोल के बारे में जानकारियां प्राप्त करने के लिए इस आर्टिकल को शुरू से अंत तक पूरा पढ़ें 

 भूगोल शब्द का प्रयोग इरेटास्थेनीज एक ग्रीक विद्वान (276-191 इ०पू०) ने किया। यह शब्द ग्रीक भाषा के दो मूल 'Geo' (पृथ्वी) एवं 'graphos' (वणन) से प्राप्त किया गया है दोनों को एक साथ रखने पर इसका अर्थ बनता है पृथ्वी का वर्णन। 

भूगोल विषय में भौतिक, वनस्पति शास्त्र, जीवन विज्ञान, मौसम विज्ञान, तथा अन्य सहविज्ञान, मुद्रा विज्ञान, समुद्र विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, जैसी जानकारियां के बारे में बताया जाता है 

 bhugol ka janak | भूगोल का जनक किसे कहा जाता है 

bhugol ka janak

हिकैटियस को bhugol ka janak कहा जाता है एनेक्सीमैंडर के जैसे हिकेटियस भी मिलेटस वासी था उसकी प्रसिद्ध पुस्तक जस पीरियड्स (Ges-Periods) मतलब 'पृथ्वी का वर्णन' था 

जो सम्भवत छठी शताब्दी के अन्त में प्रकाशित हुई था। पीरियड्स विश्व का प्रथम क्रमबद्ध वर्णन है और इसी लिए हिकेटियस को 'भूगोल का पिता' bhugol ka janak (Father of Geography) भी कहा जाता है भूगोल को अंग्रेजी में Geography  कहा जाता है

हिकैटियस भूगोल के जनक 

जन्म : 550BC

मृत्यु : 476BC

क्षेत्र : भूगोल और इतिहास

पुस्तक : जेब पीरियोडस Ges periodus 

इरेटोस्थनीज कौन थे

साइरिन की इरैटोस्थनीज़ (सी। 276 ईसा पूर्व -192 या 194 ईसा पूर्व) एक प्राचीन यूनानी गणितज्ञ, कवि और खगोलविद थे

भूगोल किसे कहते हैं 

bhugol ka janak

पृथ्वी को सर्वदा मानव के आवास के रूप में देखा गया है और इस दृष्टि से विद्वान भूगोल को 'मानव के निवास के रूप में पृथ्वी का वर्णन' परिभाषित करते हैं 

अनेक प्राकृतिक विज्ञान जैसे- भौमिकी, मृदा विज्ञान, समुद्र विज्ञान, वनस्पति शास्त्र, जीवन विज्ञान, मौसम विज्ञान तथा अन्य सहविज्ञान, सामाजिक विज्ञान के अनेक सहयोगी विषय जैसे- अर्थशास्त्र, इतिहास, समाजशास्त्र, राजनीति विज्ञान, नृ-विज्ञान इत्यादि धरातल की वास्तविकता के विभिन्न पक्षों का अध्ययन करते हैं। 

bhugol अन्य विज्ञानों से विषयवस्तु तथा विधितंत्र में भिन्न है परंतु साथ ही अन्य विषयों से इसका निकट  संबंध है bhugol सभी प्राकृतिक एवं सामाजिक विषयों से सूचनाधार प्राप्त कर उसका संश्लेषण करता है

भूगोल की प्रमुख शाखाएं  


भू-आकृति विज्ञान

यह भू-आकृतियों, उनके क्रम विकास एवं संबंधित प्रक्रियाओं का अध्ययन करता है।

जलवायु विज्ञान 

 इसके अंतर्गत वायुमंडल की संरचना, मौसम तथा जलवायु के तत्त्व, जलवायु के प्रकार तथा जलवायु प्रदेश का अध्ययन किया जाता है।

जल-विज्ञान 

यह धरातल के जल परिमंडल जिसमें समुद्र, नदी, झील तथा अन्य जलाशय सम्मिलित हैं तथा उसका मानव सहित विभिन्न प्रकार के जीवों एवं उनके कार्यों पर प्रभाव का अध्ययन है।

मृदा भूगोल 

 यह मिट्टी निर्माण की प्रक्रियाओं, मिट्टी के प्रकार, उनका उत्पादकता स्तर, वितरण एवं उपयोग आदि के अध्ययन से संबंधित है।

सामाजिक/सांस्कृतिक भूगोल 

इसके अंतर्गत समाज तथा इसकी स्थानिक/प्रादेशिक गत्यात्मकता (Dynamism) एवं समाज के योगदान से निर्मित सांस्कृतिक तत्वों का अध्ययन आता है।

जनसंख्या एवं अधिवास भूगोल 

यह ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्रों में जनसंख्या वृद्धि, उसका वितरण, घनत्व, लिंग अनुपात प्रवास एवं व्यवसायिक संरचना आदि का अध्ययन करता है जबकि अधिवास भूगोल में ग्रामीण तथा नगरीय अधिवासों के वितरण प्रारूप तथा अन्य विशेषताओं का अध्ययन किया जाता है।

आर्थिक भूगोल 

 यह मानव की आर्थिक क्रियाओं, जैसे- कृषि, उद्योग, पर्यटन, व्यापार एवं परिवहन अवस्थापना तत्त्व एवं सेवाओं का अध्ययन है।

जीव-भूगोल 

इसमें पशुओं एवं उनके निवास क्षेत्र के स्थानिक स्वरूप एवं भौगोलिक विशेषताओं का अध्ययन होता है।  

वनस्पति भूगोल 

 यह प्राकृतिक वनस्पति का उसके निवास क्षेत्र (Habitat) में स्थानिक प्रारूप का अध्ययन करता है। 

ऐतिहासिक भूगोल 

यह उन ऐतिहासिक प्रक्रियाओं का अध्ययन करता है जो क्षेत्र को संगठित करती हैं। प्रत्येक प्रदेश वर्तमान स्थिति में आने के पूर्व ऐतिहासिक अनुभवों से गुजरता है। भौगोलिक तत्त्वों में भी सामयिक परिवर्तन होते रहते हैं और इसी की व्याख्या ऐतिहासिक भूगोल का ध्येय है।

राजनीतिक भूगोल 

यह क्षेत्र को राजनीतिक घटनाओं की दृष्टि से देखता है एवं सीमाओं, निकटस्थ पड़ोसी इकाइयों के मध्य भू-वैन्यासिक संबंध, निर्वाचन क्षेत्र का परिसीमन एवं चुनाव परिदृश्य का विश्लेषण करता है। साथ ही जनसंख्या के राजनीतिक व्यवहार को समझने के लिए सैद्धांतिक रूपरेखा विकसित करता है।

पारिस्थैतिक विज्ञान 

इसमें प्रजातियों (Species) के निवास/ स्थिति क्षेत्र का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है। 

पर्यावरण भूगोल 

संपूर्ण विश्व में पर्यावरणीय प्रतिबोधन के फलस्वरूप पर्यावरणीय समस्याओं, जैसे- भूमि-हास, प्रदूषण, संरक्षण की चिंता आदि का अनुभव किया गया, जिसके अध्ययन हेतु इस शाखा का विकास हुआ। 

भूगोल से हमें क्या सीखने को मिलता है।

हम धरातल पर रहते हैं हमारा जीवन हमारे परिस्थान से अनेक रूपों में प्रभावित होता है। हम निर्वाह के लिए अपने आस-पास के संसाधनों पर निर्भर करते हैं। 

आदिम समाज अपने भरण-पोषण के लिए प्राकृतिक निर्वाह-संसाधनों, जैसे पशुओं एवं खाद्य पौधों पर आश्रित था। समय बीतने के साथ हमने तकनीकों का विकास किया तथा प्राकृतिक संसाधनों, यथा भूमि, मृदा, जल का उपयोग करते हुए अपना आहार उत्पादन प्रारंभ किया।

 हमने अपने भोजन की आदतों एवं वस्त्र को मौसमी दशाओं के अनुरूप समायोजित किया। ध्यातव्य है कि प्राकृतिक संसाधन आधार, तकनीकी विकास, भौतिक वातावरण के साथ अनुकूलन एवं उसका परिष्करण, सामाजिक संगठन तथा सांस्कृतिक विकास में विभिन्नता पायी जाती है।

 भूगोल के एक छात्र के रूप में आपको धरातल पर विभिन्नता वाले सभी सत्यों के विषय में जानने के लिए उत्सुक होना चाहिए। आप विविध प्रकार की भूमि एवं लोगों से परिचित हैं, फिर भी समय के साथ होने वाले परिवर्तनों को समझने में रुचि रखते होंगे । भूगोल आपको विविधता समझने तथा समय एवं स्थान के  

ये भी पढ़ें 


[FAQ] लोगों द्वारा पूछे जाने वाले सवाल


भौतिक भूगोल के पिता कौन है

पोलिडोनियन को भौतिक भूगोल का पिता कहा जाता है.

मानव भूगोल के जनक

कार्ल रिटर मानव भूगोल के जनक माने जाते हैं ।

भूगोल के जनक कौन है

हिकैटियस को भूगोल का जनक कहा जाता है.

भूगोल कि कितनी शाखा है

भूगोल की तीन मुख्य शाखाएँ है भौतिक भूगोल, मानव भूगोल और प्रादेशिक भूगोल

Conclusion - bhugol ka janak

इस आर्टिकल के माध्यम  bhugol ka janak |bhugol ka janak किसे कहा जाता है और भी bhugol से रिलेटेड सारी जानकारियां दी गई है हमें उम्मीद है आपको यह आर्टिकल पढ़ के अच्छा लगा होगा और bhugol से रिलेटेड सारी जानकारियां प्राप्त हो गई होंगी

 अगर आप एक छात्र है तो आपको इतिहास भूगोल जैसे किताबों को पढ़ना चाहिए जिससे आपको History के बारे में अच्छी जानकारी प्राप्त हो सके अगर आपके मन में bhugol ka janak कौन है को लेकर कोई प्रश्न है तो हमें कमेंट में लिखकर जरूर बताएं

 धन्यवाद

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